भारत की राष्ट्रपति ने वियतनाम के राष्ट्रपति की मेजबानी की

भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में वियतनाम का विशेष स्थान है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति भवन : 06.05.2026

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज 6 मई, 2026 को राष्ट्रपति भवन में वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री तो लाम का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में भोज का आयोजन भी किया।

राष्ट्रपति लाम की भारत की पहली राजकीय यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित गहरी मित्रता का एक समृद्ध इतिहास रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में, भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, विकास साझेदारी और व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यटन के क्षेत्रों में हुआ है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस यात्रा के दौरान दुर्लभ खनिज-पदार्थों, डिजिटल एवं वित्तीय प्रौद्योगिकी, संस्कृति एवं शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और घोषणाएं की गईं।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत और वियतनाम ने "व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य" के माध्यम से संबंधों को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, और भारत संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आसियान के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत वियतनाम के साथ हमारे संबंध, हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और इंडो-पैसिफिक विजन के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने हिंद-प्रशांत महासागर पहल में वियतनाम की भागीदारी की सराहना की।

राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने साझा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और वियतनाम के बीच घनिष्ठ सहयोग से दोनों देशों के लोगों को अपार लाभ मिल सकते हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति तो लाम के नेतृत्व में भारत-वियतनाम मित्रता निरंतर सुदृढ़ होती रहेगी।

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